नैनीताल डीएम ने तहसील और एसडीएम ऑफिस में मारा छापा, कर्मचारियों में मचा हड़कंप
हल्द्वानी: जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने आज तहसील और उपजिलाधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल दी. जमीनों की पैमाइश से जुड़े आवेदनों की फाइलों की जांच में कई मामलों में एक साल से अधिक की देरी सामने आई. यह काम महज दो दिन में होना चाहिए था. गंभीर लापरवाही पर डीएम ने एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट को जांच के निर्देश देते हुए दोषियों पर कार्रवाई के संकेत दिए.
हल्द्वानी में प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही पर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल का सख्त रुख देखने को मिला. आज वह बिना पूर्व सूचना के तहसील कार्यालय पहुंच कर औचक निरीक्षण में जुट गए. डीएम के अचानक निरीक्षण को देखते हुए कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया. निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जमीनों की पैमाइश से संबंधित लंबित आवेदनों की फाइलें मंगाकर उनकी विस्तार से जांच की. फाइलों के परीक्षण में सामने आया कि कई मामलों में आवेदकों को महीनों नहीं बल्कि एक साल से भी अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा, जबकि नियमानुसार ऐसे मामलों का निस्तारण दो दिन के भीतर किया जाना चाहिए.
जिलाधिकारी ने संबंधित कर्मचारियों से देरी का कारण पूछा, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई. इसके बाद वह सीधे उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे. जहां तहसील से भेजी गई फाइलों का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया. जांच में कई मामलों में फाइलों के अनावश्यक रूप से लंबित रहने और कार्यप्रणाली में गंभीर लापरवाही सामने आई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट को सभी संबंधित फाइलों की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए. साथ ही जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा. जिससे जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके.
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट कहा जनता से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. जिससे आम लोगों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें.
