27 July 2026

पौड़ी गुलदार हमले में मुखिया की मौत, परिवार में आर्थिक संकट, मुआवजा का आश्वासन मिलने पर की अंत्येष्टि

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पौड़ी: आखिरकार कोट ब्लॉक के जामलाखाल क्षेत्र में गुलदार के हमले में मौत मामले में मुआवजे और आर्थिक सहायता का आश्वासन मिलने के बाद परिजन मान गए हैं. इससे पहले प्रशासन से नाराज परिजनों ने शव ले जाने से इनकार कर दिया था. अब परिजनों ने देवप्रयाग में अंतिम संस्कार कर दिया है.

बता दें कि बीती रोज यानी 10 मार्च को कोट ब्लॉक के अंतर्गत जामलाखाल क्षेत्र के बलमणा गांव के प्रकाश लाल (उम्र 45 वर्ष) का शव मिला. स्थानीय लोगों ने जब शव को देखा तो तत्काल इसकी सूचना वन विभाग और जिला प्रशासन को दी. शव की हालत देखकर आशंका जताई जा रही है कि गुलदार ने उसे अपना शिकार बनाया है. इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल हो गया. साथ ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश भी देखने को मिला.

प्रशासन से नाराज परिजनों ने शव ले जाने से किया था इनकार: घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र में गश्त शुरू कर दी है. परिजनों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से आर्थिक सहायता की मांग की. इतना ही नहीं प्रशासन से नाराज परिजनों ने पौड़ी जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष से शव ले जाने से भी साफ इनकार कर दिया.

घर का मुखिया था मृतक: परिजनों का कहना था कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और मृतक ही घर का मुखिया था. ऐसे में उन्होंने प्रशासन से परिवार के भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह आर्थिक सहायता देने की मांग की है. परिजनों के अनुसार इस घटना के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है.

दिव्यांग है पत्नी: घर के दोनों बेटे निजी नौकरियां कर किसी तरह अपना गुजारा कर रहे हैं और अब तक उनकी शादी भी नहीं हुई है. वहीं, पत्नी भी दिव्यांग हैं, जिनके जीवन-यापन को लेकर अब बड़ा संकट खड़ा हो गया है. परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी मां को प्रतिमाह भरण-पोषण के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाए.

रिजनों को 10 लाख रुपए मुआवजे का आश्वासन: वहीं, प्रशासन की ओर से मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपए मुआवजे का आश्वासन दिया गया है. हालांकि, परिजन इस पर सहमत नहीं हुए और उन्होंने अतिरिक्त आर्थिक सहायता की मांग उठाई. परिजनों का कहना है कि मृतक ही परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था और अब उनके जाने के बाद परिवार पर संकट खड़ा हो गया है.

उन्होंने बताया कि घर पर उनकी मां अकेली रह गई हैं और ऐसे में परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो जाएगा. इसी को लेकर परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मुआवजे के साथ उनकी मां को प्रतिमाह आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाए. इसी मांग को लेकर परिजनों ने पोस्टमार्टम कक्ष से शव ले जाने से भी साफ इनकार कर दिया, जिससे मौके पर कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई.

हालांकि, बाद में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा. अधिकारियों ने कहा कि शासन की ओर से जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए माने.

जामलाखाल समेत आसपास के इलाके में दहशत का माहौल: उधर, इस घटना के बाद जामलाखाल और आसपास के गांवों में गुलदार को लेकर भय का माहौल बना हुआ है. ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द से जल्द गुलदार को पकड़ने की मांग की है. ताकि, क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

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