9 May 2026

बेटे बहू ने बुजुर्ग माता-पिता को सताया, SDM कोर्ट ने लिया एक्शन, दोनों को संपत्ति से बेदखल करने का आदेश

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गदरपुर: उधम सिंह नगर के गदरपुर में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है. उप जिला अधिकारी एवं माता-पिता तथा वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिकरण न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण मामले में वरिष्ठ नागरिक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बेटे और बहू को मकान से बेदखल करने के आदेश जारी किए हैं. यह कार्रवाई Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 (मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट, 2007) के तहत की गई है.

गदरपुर तहसील स्थित माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिकरण न्यायालय में ग्राम मकरंदपुर निवासी 70 वर्षीय पीड़ित ने अपने पुत्र और पुत्रवधू के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. वरिष्ठ नागरिक द्वारा आरोप लगाया गया था कि उनके साथ मानसिक एवं सामाजिक प्रताड़ना की जा रही है और उन्हें अपने ही घर में सम्मानपूर्वक जीवन जीने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

मामले की सुनवाई, उप जिला अधिकारी गदरपुर एवं कल्याण अधिकारी की अदालत में की गई. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने वरिष्ठ नागरिक के पक्ष में फैसला सुनाया. अदालत ने पीड़ित के पुत्र और पुत्रवधू को संबंधित संपत्ति से बेदखल करने के आदेश जारी किए.

न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि, Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 (मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट, 2007) का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षा, सम्मान और संरक्षण प्रदान करना है. यदि संतान अपने माता-पिता या वरिष्ठ नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार करती है और उन्हें प्रताड़ित करती है, तो कानून के तहत प्रशासन कार्रवाई करने के लिए बाध्य है.

इस मामले में आदेश पारित होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी सक्रियता दिखाई गई है. गदरपुर एसडीएम ऋचा सिंह ने कहा कि,तहसील क्षेत्र में लगातार वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े विवाद और उत्पीड़न के मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन तत्काल कार्रवाई करेगा और वरिष्ठ नागरिकों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे. बुजुर्गों के सम्मान और सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून का सख्ती से पालन कराया जाएगा. यदि कोई भी संतान अपने माता-पिता के साथ अभद्र व्यवहार करती है या उन्हें संपत्ति और घर से जुड़े मामलों में परेशान करती है, तो प्रशासन कठोर कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा.

स्थानीय लोगों ने भी न्यायालय के इस फैसले का स्वागत किया है. लोगों का कहना है कि इस प्रकार के निर्णय समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और बुजुर्गों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करते हैं. यह फैसला उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी एक उदाहरण माना जा रहा है, जो पारिवारिक प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं और न्याय की उम्मीद रखते हैं.

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