27 July 2026

मदरसे से भागे 4 नाबालिग छात्र अंबाला रेलवे स्टेशन पर मिले, किया चौंकाने वाला खुलासा

0

हरिद्वार: पथरी थाना क्षेत्र के अलावल गांव स्थित मदरसे से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए चारों बच्चों को पुलिस ने सकुशल ढूंढ लिया है. चारों बच्चे पढ़ाई में मन न लगने से परेशान थे. इसलिए चारों ने मदरसे से भागने की योजना बनाई और ट्रेन में बैठकर अंबाला तक पहुंच गए. सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस ने चारों को अंबाला रेलवे स्टेशन से सकुशल ढूंढ और परिजनों के सुपुर्द कर दिया.

मदरसे से भागे थे चार बच्चे: पुलिस के मुताबिक बीती 15 दिसंबर को पथरी थाना क्षेत्र स्थित अलावलपुर गांव के मदरसे में पढ़ने वाले चार छात्रों के लापता होने से हड़कंप मच गया था. पहले तो बच्चों के परिजनों और मदरसा प्रशासन द्वारा चारों की काफी खोजबीन की गई, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल सका. इसके बाद पुलिस से बच्चों को ढूंढने की गुहार लगाई गई. एक परिजन द्वारा पुलिस को तहरीर दी गई कि उनका नाबालिग पुत्र (उम्र 15 वर्ष) अपने अन्य नाबालिग दोस्तों के साथ घर से बिना बताए कहीं चला गया है. शिकायत मिलते ही पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया.

बच्चों का पढ़ाई में नहीं लग रहा था मन: प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल द्वारा थाना पथरी पुलिस को तत्काल नाबालिग बच्चों की तलाश हेतु पुलिस टीमों का गठन कर रवाना किया गया. कई पुलिस टीमें बच्चों की तलाश में जुट गईं. गहन पूछताछ एवं जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि चारों नाबालिग एक साथ अलावलपुर स्थित मदरसे में अध्ययनरत थे. पढ़ाई में मन न लगने के कारण बिना बताए निकल गए हैं.

हरिद्वार के मदरसे से भागे बच्चे अंबाला में मिले: लापता हुए बच्चों में एक गुजरात का बच्चा भी शामिल था. बाकी अन्य तीन बच्चे हरिद्वार के पथरी थाना क्षेत्र के निवासी थे. प्रारंभिक जांच में तीनों बच्चों की लोकेशन एथल रेलवे स्टेशन पर दिखाई दी. सीसीटीवी में दिखाई दिया कि चारों एथल रेलवे स्टेशन से ही ट्रेन में सवार होकर चले गए थे. थाना पथरी पुलिस द्वारा मैनुअल पुलिसिंग एवं CCTV कैमरों की सहायता से टीम अंबाला पहुंच गई. चारों नाबालिग बच्चों को अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से सकुशल अपने कब्जे में ले लिया गया. चारों बच्चों को पथरी थाने लाकर परिजनों के सुपुर्द किया गया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from उत्तराखंड DISCOVERY

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading