मसूरी मॉल रोड के गड्ढे दे रहे हादसों को दावत, उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज

मसूरी: पर्यटन नगरी मसूरी की बदहाल सड़कों को लेकर पूर्व पालिका अध्यक्ष ओपी उनियाल ने लोक निर्माण विभाग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने माल रोड और मोतीलाल नेहरू मार्ग की खराब हालत को लेकर विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. मार्ग पर आए दिन लोगों को आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
पत्रकारों वार्ता में ओपी उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड सरकार और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के प्रयासों से करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से मॉल रोड का सौंदर्यीकरण और डामरीकरण कराया गया था, लेकिन विभागीय इंजीनियरों की लापरवाही के चलते आज मॉल रोड की हालत फिर जर्जर हो गई है. उन्होंने कहा कि बरसात शुरू होते ही करीब दो किलोमीटर लंबी मॉल रोड पर कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन रही है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है.
सड़क किनारे बनी नालियां मलबे और गंदगी से पटी पड़ी हैं, जबकि पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है.ओपी उनियाल ने मोतीलाल नेहरू मार्ग की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से हुए डामरीकरण कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब रही कि छह महीने के भीतर ही सड़क जगह-जगह टूट गई. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब यह समझना मुश्किल है कि गड्ढों में सड़क है या फिर सड़क में गड्ढे. उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.
उनका कहना है कि खराब निर्माण कार्यों से सरकार और जनप्रतिनिधियों की छवि भी प्रभावित हो रही है. पूर्व पालिका अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिलाधिकारी देहरादून से मांग की कि मॉल रोड और मोतीलाल नेहरू मार्ग पर हुए निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सरकारी धन की रिकवरी की जाए.
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शिवराज लोदियाल ने बताया कि माल रोड में जल भराव को लेकर जल्द ट्रीटमेंट शुरू किया जा रहा है. वहीं बैंड नालियों को भी खोलने को लेकर ठेकेदार को निर्देशित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि मोतीलाल नेहरू मार्ग को लेकर संबंधित ठेकेदार को जल्द क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक करें, अन्यथा उसके खिलाफ नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
