5 August 2026

रामनगर में टाइगर का हमला, घायल हाथी के बच्चे की इलाज के दौरान मौत

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रामनगर: नैनीताल जिले के रामनगर से एक दुखद खबर सामने आई है जहां टाइगर के हमले में घायल एक हाथी के बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई. बताया जा रहा है कि हाथी का बच्चा रास्ते पर ही घायल अवस्था में पड़ा मिला. जिसके बाद सूचना वन विभाग के उच्च अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया.

बता दें कि यह घटना वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष की एक और चिंताजनक तस्वीर पेश करती है. रामनगर वन प्रभाग की देचौरी रेंज में देर शाम उस वक्त हलचल मच गई, जब सफारी के दौरान जिप्सी चालकों और नेचर गाइडों को पवलगढ़ सफारी मार्ग के पास क्यारी गांव क्षेत्र में एक घायल हाथी का बच्चा दिखाई दिया. बताया जा रहा है कि हाथी का बच्चा रास्ते पर ही घायल अवस्था में पड़ा हुआ था. इसकी सूचना तुरंत वन विभाग के उच्च अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया.

रामनगर वन प्रभाग के एसडीओ अंकित बडोला ने जानकारी देते हुए बताया कि हाथी के बच्चे की उम्र करीब 6 माह थी, उसके शरीर पर टाइगर के पंजों और दांतों के गहरे निशान पाए गए, जिससे साफ है कि उस पर बाघ ने हमला किया था और वह गंभीर रूप से घायल हो गया था. उन्होंने कहा कि हमारी वन विभाग की टीम ने घायल हाथी को तुरंत कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ढेला रेंज स्थित रेस्क्यू सेंटर पहुंचाया, जहां वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यन्त शर्मा और उनकी टीम ने उसका इलाज शुरू किया. हालांकि हाथी के बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी और तमाम कोशिशों के बावजूद कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई. वन विभाग ने नियमानुसार पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव को दफना दिया है.

कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्साधिकारी डॉ. दुष्यन्त शर्मा ने बताया कि हाथी के बच्चे के सिर पर टाइगर के गहरे दांतों के निशान पाए गए हैं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था. उनका कहना है कि संभवतः हमले के दौरान हाथियों का झुंड मौके पर पहुंच गया होगा, जिसके कारण टाइगर उसे अपना शिकार नहीं बना पाया. टाइगर घायल अवस्था में ही छोड़कर वहां से चला गया.

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