26 July 2026

लोकायुक्त, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी, जानिये बीसी खंडूड़ी के बड़े फैसले

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देहरादून: उत्तराखंड के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन हो चुका है. बीसी खंडूड़ी देहरादून के मैक्स अस्पताल में भर्ती थे. जहां आज उनका निधन हुआ. बीसी खंडूड़ी के निधन के बाद प्रदेशभर में शोक की लहर है. हर कोई बीसी खंडूड़ी को अपनी अपनी तरह से याद कर रहा है. इस मौके पर बीसी खंडूड़ी के बड़े फैसलों को याद किया जा रहा है. केंद्र से लेकर उत्तराखंड की राजनीति में बीसी खंडूड़ी ने कई बड़े काम किये.

लोकायुक्त विधेयक सबसे बड़ा फैसला: लोकायुक्त विधेयक को लेकर बीसी खंडूड़ी ने ऐतिहासिक कदम उठाया था. सल 2011 में बीसी खंडूड़ी ने उत्तराखंड में सबसे सख्त लोकायुक्त कानून पास करवाया. उत्तराखंड में पास इस लोकायुक्त में मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, आईएएस, आईपीएससहित सभी अधिकारी लोकायुक्त की जांच के दायरे में थे. इसमें भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई का नियम था.

ई-गवर्नेंस और पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी: बीसी खंडूड़ी ने फाइल प्रोसेसिंग में तेजी, जन शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया. साथ ही उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर में पारदर्शिता लाने की कोशिशें की. इसके लिए उन्होंने कई सुधार किये.बीसी खंडूड़ी को ई-गवर्नेंस और पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी के लिए जाना जाता है.

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: बीसी खंड़ूड़ी सैनिक अधिकारी रहे. इसलिए वे भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन करते थे. इसके लिए वे सख्त राजनेता के तौर पर जाने जाते थे. वे किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते थे. उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त शासन का नारा दिया. जिससे राज्य़ के साथ ही देश में उनकी अलग छवि बनी.

बीसी खंडूड़ी ईमानदार छवि के नेता थे. इसलिए उन्होंने सरकारी खर्च में कटौती की. साथ ही सरकार में अनुशासन को प्राथमिकता थी. उन्होंने सीएम बनते ही नेताओ, मंत्रियों और अधिकारियों से समय का पालन करने की अपील की. साथ ही वे खुद परियोजनाओं में फंड के खर्च खे पक्षधर थे.

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