27 July 2026

वन तस्करों की अब खैर नहीं! वाइल्डलाइफ मास्टर कंट्रोल रूम से रखी जाएगी नजर, जंगल भी रहेंगे सेफ

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हल्द्वानी: जंगलों और वाइल्डलाइफ सुरक्षा को लेकर वन विभाग कई तरह की सुरक्षा उपाय रहा है. जिससे जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा बेहतर की जा सके. हल्द्वानी वन प्रभाग इसी को देखते हुए अब मास्टर कंट्रोल रूम की स्थापना की है. इस मास्टर कंट्रोल रूम से जंगल और वाइल्डलाइफ्स की बेहतर निगरानी हो सकेगी.

डीएफओ हल्द्वानी वन प्रभाग कुंदन कुमार ने बताया वन एवं वन्य जीवों की सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने तथा वनाग्नि घटना को कम करने के उद्देश्य से हल्द्वानी कैंप कार्यालय में एक अत्याधुनिक मास्टर कंट्रोल रूम तैयार किया गया है. नियंत्रण कक्ष को आधुनिक तकनीकी से लैस किया गया है. जहां सीसीटीवी कैमरे जीपीएस लोकेशन के माध्यम से जंगलों की निगरानी की जा रही है.

उन्होंने बताया मास्टर कंट्रोल रूम को उत्तर प्रदेश की सीमा से लेकर नेपाल सीमा तक के जंगलों को जोड़ा गया है. जंगलों के सभी बैरियरों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इनको सीधे मास्टर कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है. जिसकी 24 घंटे सभी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है.

वाइल्डलाइफ कंट्रोल रूम को वायरलेस नेटवर्क के माध्यम से सभी रेंज कार्यालयों और फायर क्रू स्टेशनों से जोड़ा गया है. जिससे किसी भी घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके. इसके अलावा गश्ती दल द्वारा एकत्र की गई पेट्रोलिंग की जानकारी mSTRiPES ऐप के माध्यम से इस कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी. जिससे वन्यजीवों के मूवमेंट के के अलावा अवैध शिकार, अवैध कटान, या अन्य गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी.

इसके अलावा मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन और कैमरा ट्रैप से प्राप्त आंकड़े भी इस कंट्रोल रूम में एकीकृत होंगे. जिससे प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द मदद हो सकेगी. कंट्रोल रूम में आधुनिक वर्कस्टेशन कंप्यूटर, बड़े एलसीडी डिस्प्ले एवं डेटा विश्लेषण की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इससे आंकड़ों का वैज्ञानिक तरीके से भविष्य में इसका परीक्षण किया जा सकेगा.

इस अत्याधुनिक मास्टर कंट्रोल रूम की स्थापना से वन प्रभाग की निगरानी व्यवस्था, त्वरित कार्य करने की क्षमता और वैज्ञानिक डेटा विश्लेषण में अहम योगदान होगा. इसका प्रत्यक्ष लाभ न केवल वन एवं वन्यजीव संरक्षण में मिलेगा बल्कि स्थानीय लोगो को भी मानव-वन्यजीव संघर्ष और वनाग्नि जैसी परिस्थितियों से सुरक्षा प्राप्त होगी.

डीएफओ कुंदन कुमार ने बताया हल्द्वानी वन प्रभाग का यह प्रयास उत्तराखंड में वन प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण और अभिनव कदम है. उन्होंने बताया हल्द्वानी वन प्रभाग का क्षेत्र उत्तर प्रदेश के साथ-साथ नेपाल सीमा से लगा हुआ है. कई बार देखा जाता है कि वनकर्मी जंगलों में आने जाने वालों की निगरानी नहीं कर पाते हैं. ऐसे में मास्टर कंट्रोल रूम जंगलों की निगरानी के लिए वरदान साबित होगा.

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