म्यूल खातों का प्रयोग कर करोड़ों की ठगी, एसटीएफ ने दो एजेंटों को किया अरेस्ट

देहरादून: एसटीएफ की टीम ने राज्य में संचालित 15 म्यूल खातों पर कार्रवाई करते हुए 80 से अधिक म्यूल खातों का सत्यापन किया. म्यूल अकाउंट के माध्यम से लोगों के साथ ठगी करने वाले गिरोह के दो प्रमुख एजेंटों को गिरफ्तार किया. 15 म्यूल खाते चिन्हित करते हुए करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा किया गया. साथ ही राज्य में संचालित लगभग 2200 संदिग्ध म्यूल बैक खाते जांच में सामने आए, सभी खाताधारकों की पहचान, बैंक अभिलेखों की जांच, मोबाइल नंबरों के विश्लेषण कर सत्यापन का अभियान जारी है.
एसटीएफ की 12 टीमें गठित कर साइबर ठगी में प्रयोग किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के सत्यापन के लिए अभियान चलाया जा रहा है. जिसके अन्तर्गत एसटीएफ की एक टीम ने डिजिटल साक्ष्यों, बैंक अभिलेखों और तकनीकी जांच के आधार पर साइबर अपराधियों ने उपयोग किए जा रहे 15 संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की जांच की गई. जांच के दौरान प्राप्त शिकायतों, तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों के सत्यापन में यह पाया गया कि कई बैंक खाते साइबर अपराधियों ने धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को प्राप्त करने, ट्रांसफर करने एवं छिपाने के लिए उपयोग किए जा रहे थे. प्रमुख मामलों में एक खाते में करीब 1.53 रुपये करोड़ की ठगी से संबंधित 28 शिकायतें प्राप्त हुई हैं.
अन्य खातों में भी लाखों रुपए के संदिग्ध लेनदेन और बहुसंख्यक शिकायतें दर्ज हैं. प्रमुख रूप से सामने आए म्यूल खातों के संबंध में साइबर पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया. जिसमें साइबर अपराधियों ने अलग-अलग बैंकों के म्यूल अकाउंट का प्रयोग कर आम लोगों के साथ 1 करोड़ 53 लाख की साइबर धोखाधड़ी की गई थी. एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया है कि जांच में जानकारी मिली कि आम जनता को कमीशन, किराया, नौकरी अथवा अन्य लालच देकर उनके बैंक खाते खरीदते थे और बाद में उन्हीं खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने में करते थे.
अब तक उक्त गैंग के दो सदस्य दानिश अंसारी और अंकित एंथोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. साथ ही अन्य शामिल व्यक्तियों की तलाश जारी है और कई खाताधारकों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है. जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोगों द्वारा अपने बैंक खाते, ATM कार्ड, पासबुक, चेकबुक, मोबाइल नंबर, सिम कार्ड और नेट बैंकिंग सुविधाएं लालच वश अपराधियों को उपलब्ध कराई गईं. ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ भी नियम अनुसार कार्रवाई की जा रही है.
