नीली बत्ती और हूटर बजाकर रौब दिखाना कार सवार को पड़ा महंगा, पुलिस ने किया वाहन सीज

मसूरी: पर्यटन सीजन के बीच मसूरी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है. मसूरी के लाइब्रेरी चौक पर चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने लाल-नीली फ्लैशलाइट, हूटर और काले शीशों वाली एक लग्जरी कार को पकड़कर सीज कर दिया. कार सवार के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे, जिसके चलते पुलिस ने कार को सीज कर दिया. पुलिस का कहना है कि मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगा.
जानकारी के अनुसार कोतवाली मसूरी पुलिस लाइब्रेरी चौक पर सघन चेकिंग अभियान चला रही थी. इसी दौरान कैंपटी रोड की ओर से एक काले रंग की कार फ्लैशलाइट जलाते हुए तेज रफ्तार में मसूरी की ओर आती दिखाई दी. कार पर लाल-नीली बत्ती और हूटर लगा होने से पुलिस को संदेह हुआ, जिस पर वाहन को तुरंत रोक लिया गया. पुलिस पूछताछ में चालक ने खुद को केंद्रीय मंत्रालय का अधिकारी बताते हुए पुलिसकर्मियों पर प्रभाव बनाने की कोशिश की, लेकिन जब उससे वाहन के वैध दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस मांगा गया तो वह कोई मूल दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया.
जांच में यह भी सामने आया कि चालक चप्पल पहनकर वाहन चला रहा था और कार पर अवैध काली फिल्म भी लगी हुई थी. सख्ती से पूछताछ करने पर चालक ने स्वीकार किया कि उसने जाम और टोल टैक्स से बचने तथा रास्तों में वीआईपी ट्रीटमेंट पाने के लिए वाहन पर फ्लैशलाइट और हूटर लगाया था. इसके बाद पुलिस ने मौके पर ही हूटर और फ्लैशलाइट उतरवाकर वाहन को सीज कर दिया. मसूरी कोतवाल देवेंद्र चौहान ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर ऑपरेशन प्रहार के तहत पूरे जनपद में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. यातायात नियमों का उल्लंघन करने, फर्जी वीआईपी कल्चर दिखाने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी.
पर्यटन सीजन में मसूरी में बढ़ते ट्रैफिक और वीआईपी कल्चर के बीच पुलिस की इस कार्रवाई को आम लोगों ने भी सराहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई लोग लाल-नीली बत्ती और हूटर लगाकर नियमों को ताक पर रख देते हैं, जिससे आम जनता को परेशानी होती है. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है.
