28 July 2026

नाबालिक के साथ दुष्कर्म करने पर दोषी को 20 साल की सजा,ये था पूरा मामला….

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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो देहरादून के जज पंकज तोमर की अदालत ने 16 वर्षीय किशोरी को बहला फुसलाकर घर से भगाने ओर होटल में दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को 20 साल कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही किशोरी को भगाने में शामिल सह आरोपी को पांच साल कारावास की सजा सुनाई गई है. पुलिस

देहरादून: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो देहरादून के जज पंकज तोमर की अदालत ने 16 वर्षीय किशोरी को बहला फुसलाकर घर से भगाने ओर होटल में दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को 20 साल कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही किशोरी को भगाने में शामिल सह आरोपी को पांच साल कारावास की सजा सुनाई गई है. पुलिस द्वारा दोनों दोषियों को न्यायालय से हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है.

ये था पूरा मामला: बता दें कि 30 अप्रैल 2021 को डोईवाला थाने में एक महिला ने अपनी बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी. महिला ने बेटी की किताब से मिले एक नोट के बारे में बताया था. नोट में बेटी ने अपने करियर बनाने के लिए मर्जी से घर से भागने का जिक्र किया था. हालांकि पुलिस की जांच में वसीम अहमद निवासी जोगीवाला का नाम सामने आया था. जिसके बाद पुलिस ने ट्रांसपोर्ट नगर से किशोरी को वसीम के साथ ढूंढ लिया था. पुलिस ने किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने ओर दुष्कर्म के आरोप में वसीम और उसका साथ देने वाले रेहान को अरेस्ट कर जेल भेज दिया था.

मसूरी के होटल में किशोरी से किया था रेप:शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार ने बताया कि पुलिस द्वारा अदालत में दाखिल की गई चार्जशीट में किशोरी के 164 के बयान के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पाया कि किशोरी के साथ मसूरी स्थित एक होटल में वसीम ने बीयर पिलाकर जबरन संबध बनाए. इसके बाद रेहान की मदद से किशोरी को अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया. वहां भी किशोरी के साथ संबध बनाए गए. बचाव पक्ष ने इन आरोपों को नकारा. न्यायालय के सामने यह बताया गया कि मसूरी स्थित होटल में किशोरी साथ नहीं थी, क्योंकि वहां पर वसीम ने अपने भैया ओर भाभी की आईडी से कमरा बुक किया था. दूसरी तरफ वसीम की मौजूदगी की तस्दीक होटल के रिसेप्शनिस्ट से कराई गई.

रेप के दोषी वसीम को 20 साल की जेल: अदालत ने माना कि घर से भागने के दौरान पीड़िता के पास अपने साथ हुई घटना को लेकर साक्ष्यों का अभाव होता है. ऐसे में उसके विधि अंतर्गत बयानों को किसी भी दशा में दरकिनार नहीं किया जा सकता है. अदालत ने पाया कि होटल में वसीम और पीड़िता की उपस्थिति के दस्तावेज न हों, लेकिन रिसेप्शनिस्ट के बयानों और अन्य साक्ष्यों से किशोरी, जिसकी आयु 16 साल से कम है, इसके साथ संबध बनाने की पुष्टि होती है. जिसके बाद मुख्य आरोपी वसीम अहमद को 20 साल कारावास के साथ 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया. उसके साथी रेहान को पांच साल के कारावास के साथ पांच हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई गई.

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