28 July 2026

हरिद्वार में डेंजर लेवल पार कर गई गंगा, सूखी नदी में बही कार, एक्शन में जिला प्रशासन 

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उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के जेई हरीश प्रसाद के अनुसार पहाड़ों पर हो रही वर्षा के कारण गंगा का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है. जिसके चलते सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है

हरिद्वार: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में जमकर बारिश हो रही है. जिसके कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर मैदानी इलाकों पर भी पड़ रहा है. जिसके कारण हरिद्वार में गंगा उफान पर है. हरिद्वार में गंगा का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर गया है. हरिद्वार में गंगा का खतरे का निशान 294.00 मीटर है.

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के जेई हरीश प्रसाद के अनुसार पहाड़ों पर हो रही वर्षा के कारण गंगा का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है. जिसके चलते सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है. गंगा के जल स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है. जिसकी जानकारी हरिद्वार जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश के बिजनौर बैराज को भी लगातार दी जा रही है.जिला प्रशासन की टीमें लगातार गंगा के समीपवर्ती गांव व आबादी क्षेत्रों को अनाउंसमेंट कर सूचना दे रही हैं. स्थानीय लोगों से अपील की जा रही है कि वे गंगा के किनारों से दूर रहें.

वहीं, दूसरी ओर हरिद्वार की सूखी नदी में कार बह गई. हालांकि इस घटना में किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है. बारिश का मलबा और उफान में बहते वाहन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है है. हरिद्वार में नदियों के उफान पर आने से श्रद्धालुओं में दहशत है. प्रशासन लगातार सभी से गंगा किनारों से दूर रहने की अपील कर रहा है.

वहीं, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में भी नदिया उफान पर हैं. अलकनंदा, मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. जिला प्रशासन की टीमें लगातार लोगों को अलर्ट कर रही हैं.

बता दें उत्तराखंड में अगले पांच दिन भी भारी रहने वाले हैं. मौसम विभाग ने इन दिनों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग के अनुसार वहीं पिथौरागढ़, चंपावत, उधम सिंह नगर, हरिद्वार और उत्तरकाशी के अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा और नैनीताल में येलो अलर्ट है.

सभी जिलों में प्रशासन की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है. सभी जिलाधिकारियों ने लैंडस्लाइड क्षेत्रों में जेसीबी मशीनें तैनात करने को भी कहा है. इसके साथ ही रिस्पॉन्स टाइम कम करने पर जोर दिया गया है. जिलाधिकारियों ने नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में टीमें तैनात करने को भी कहा है. प्रशासनिक टीमों को भी अलर्ट पर रहने को कहा गया है.जिला प्रशासन ने भी नदी, नालों के किनारे रहने वाले लोगों को अन्यत्र शिफ्ट करने एवं खाद्यान्न, ज़रूरी दवाओं आदि का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं.

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