5 August 2026

HNB यूनिवर्सिटी में छात्रों का फूटा गुस्सा, बीए-बीएससी में 40 प्रतिशत सीटों की कटौती पर भड़के 

0

श्रीनगर गढ़वाल: हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में बीएससी और बीए पाठ्यक्रमों की सीटों में 40 प्रतिशत तक की कटौती की गई है. इसके अलावा परिवहन सुविधाओं की कमी और छात्रावासों में आवश्यक सुविधाओं के अभाव को लेकर भी छात्रों का आक्रोश फूटा है. सोमवार से धरने पर बैठे छात्रों ने आज मंगलवार को कुलपति कार्यालय का घेराव करते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. छात्र कुलपति सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे गए थे.

धरने का नेतृत्व पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अंकित रावत, जय हो छात्र संगठन के जिलाध्यक्ष आयुष मियां और छात्र नेता बिरेंद्र सिंह नेगी ने किया. छात्रों ने कुलपति से वार्ता की अनुमति मांगी, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने छात्रों को सचिवालय में प्रवेश नहीं करने दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई. छात्र वहीं धरने पर बैठ गए और कहा कि जब तक कुलपति से प्रत्यक्ष वार्ता नहीं होगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा.

छात्रों ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन: छात्र प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें पांच प्रमुख मांगों को लेकर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई.

बीएससी और बीए पाठ्यक्रमों में की गई सीट कटौती को वापस लिया जाए: छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा 40 प्रतिशत सीटों में की गई कटौती से बड़ी संख्या में जरूरतमंद छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित रह गए हैं. यह निर्णय छात्र हितों के खिलाफ है. उन्होंने मांग की है कि पिछली व्यवस्था को दोबारा लागू किया जाए, ताकि सभी वंचित छात्रों को दाखिला मिल सके.

चौरास परिसर से ई-रिक्शा सेवा की व्यवस्था की जाए: ज्ञापन में कहा गया कि लंबे समय से चौरास परिसर में पढ़ने वाले छात्र ई-रिक्शा सेवा की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक पर्याप्त संख्या में ई-रिक्शा उपलब्ध नहीं कराए गए हैं. वर्तमान में बाहरी संस्था द्वारा जो सेवा दी जा रही है, वह नाकाफी है. छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय से मांग की कि वह अपने संसाधनों से कम से कम 10 नए ई-रिक्शा की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से करे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from उत्तराखंड DISCOVERY

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading