5 August 2026

और भी कई दिनों तक बंद रह सकता है केदारनाथ में घोड़ों का संचालन, मौत के कारण नही हों पाए स्पष्ट

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हिसार की लैब में 16,000 घोड़े खच्चरों के सैंपल इन्फेलुएनजा को लेकर टेस्ट किये गए थे जिसमे 152 सैंपल

2 दिन में 14 घोड़े खच्चरों की मौत के बाद केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़े खच्चरों का संचालन 24 घंटो के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया था पशुपालन विभाग को यह अंदेशा था कि शायद इन घोड़े खच्चरों की मौत इन्फेलुएनजा वायरस के चलते हुई है हालाँकि पशुपालन सचिव VVRC पुरुषोत्तम ने इस मामले में एक बड़ा ख़ुलासा किया है जानकारी देते हुए पशुपालन सचिव ने बताया कि इन 14 घोड़े खच्चरों की मौत इन्फ्लूएंजा वायरस के चलते नहीं हुई है इन सभी घोड़े खच्चरों के सैंपल को बरेली भेजा गया है जहाँ जाँच के बाद मौत के कारण स्पष्ट हो पाएंगे

साथ ही पशुपालन सचिव ने बताया कि यात्रा से पहले श्रीनगर गढ़वाल और हिसार की लैब में 16,000 घोड़े खच्चरों के सैंपल इन्फेलुएनजा को लेकर टेस्ट किये गए थे जिसमे 152 सैंपल पॉज़िटिव पाए गए जबकि RTPCR टेस्ट के दौरान एक भी सैंपल पॉज़िटिव नहीं पाया गया था

इन सभी 14 घोड़ों की मौत इन्फ्लूएंजा वायरस से तो नहीं हुई यह तो बात साफ़
है हालाँकि इन्फ्लूएंजा वायरस के ख़तरे को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता क्योंकि यह वायरस है बेहद तेज गति से घोड़े खच्चरों में फैलता है इसलिए युद्ध स्तर पर कार्य करने के लिए 27 डॉक्टर्स को केदारनाथ में नियुक्त किया जा रहा है

इन्फ्लूएंजा न फैले इसके लिए पुख़्ता प्लान भी पशुपालन विभाग की ओर से बनाया जा रहा है वायरस से मिलते जुलते लक्षण वाले घोड़े खच्चर पूरी तरह से यात्रा में प्रतिबंधित रहेंगे वहीं स्वस्थ दिखने वाले घोड़ों को चेकअप के बाद यात्रा रूट पर जाने की अनुमति होगी बताते चलें कि फिलहाल अभी भी घोड़े खच्चरों का संचालन केदारनाथ में पूरी तरह से प्रतिबंधित है , संचालन कब तक सुचारु किया जाएगा इसके बारे में अभी तक किसी पम्रकार की जानकारी सामने नही आयी है

बाइट : वी वी आर सी पुरषोत्तम, पशुपालन सचिव

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