चंपावत कथित नाबालिग गैंगरेप केस: ₹50 लाख के खेल का हुआ खुलासा, पीड़िता और भाई ने बताई सच्चाई

खटीमा: चंपावत नाबालिग गैंगरेप केस का पुलिस ने कल ही पर्दाफाश कर दिया था. पुलिस ने कल 7 मई को ही साफ कर दिया था कि नाबालिग के साथ किसी भी तरह का कोई गैंगरेप नहीं हुआ है, बल्कि इस केस में जिन तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था, उन्हें एक साजिश के तहत फंसाने का प्रयास किया गया था. वहीं अब इस मामले में दो वीडियो सामने आए हैं. पहला वीडियो पीड़िता का है, जबकि दूसरा वीडियो पीड़िता के चचेरे भाई का है. दोनों वीडियो में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.
पीड़िता का जो वीडियो सामने आया है, उस वीडियो में पीड़िता खुद कह रही है कि उसके साथ कुछ भी गलत नहीं हुआ है. यानी उसके साथ गैंगरेप जैसी कोई घटना नहीं हुई है. पीड़िता ने वीडियो में कमल रावत और उसकी एक महिला मित्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
पीड़िता ने वीडियो में बताया सच: पीड़िता का कहना है कि, कमल रावत का प्लान था कि वो आरोपियों (जिन्हें पुलिस ने निर्दोष बताया है) में से एक के कमरे में गैंगरेप जैसे हालत बनाए, ताकि तीनों को इस केस में झूठा फंसाया जा सके. वीडियो में पीड़िता कह रही है कि वो ये बयान पूरे होशो हवास में और बिना किसी दबाव के दे रही है.
50 लाख के समझौते का सच: वहीं पीड़िता के चचेरे भाई का जो वीडियो सामने आया है, उसमें 50 लाख वाले आरोप से पर्दा उठ गया है. दरअसल, पीड़िता ने चचेरे भाई ने आरोप लगाया था कि आरोपी पक्ष उन पर समझौते के लिए दबाव बना रहा है, इसके लिए उन्हें 50 लाख रुपए तक दिए जा रहे हैं. हालांकि, अब पीड़िता के भाई ने इस पूरे मामले का सच वीडियो के जरिए बताया.
कमल रावत ने उठाया था चाचा का फोन: पीड़िता के भाई का कहना है कि उसकी कई दिनों से अपने चाचा और बहन से बात नहीं हो रही थी. कल सात मई सुबह को जब उसने चाचा को फिर से कॉल किया तो फोन कमल रावत ने उठाया. कमल रावत ने कहा कि ‘तेरी बहन पुलिस हिरासत में है, जबकि तेरे चाचा का कुछ पता नहीं है, वो न तो पुलिस स्टेशन में और न ही घर पर.’ साथ ही घटना के बारे में बताया.
कमल रावत ने एसपी को कॉल करने का कहा था: पीड़िता के भाई का कहना है कि इससे वो और घबरा गया था. उसने जब कमल रावत से कहा कि चाचा से बात हो सकती है तो कमल रावत ने कहा कि ‘तू एसपी को कॉल कर ले.’ इसके बाद कमल रावत ने एसपी को कई बार कॉल किया है, लेकिन एसपी ने कॉल रिसीव नहीं की.
कमल रावत ने बताई थी 50 लाख में समझौते की बात: इसके बाद कमल रावत का फिर फोन आया और कहा कि आरोपी 50 लाख रुपए देकर समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं, लेकिन भाई ने कहा कि उसकी बहन के साथ गलत हुआ है इसलिए वो समझौता नहीं करेगा. तब कलम रावत ने कहा कि उसकी बहन खुद बता रही है कि उसके साथ गलत हुआ है.
पीड़िता के भाई का कहना है कि इसके बाद कमल रावत ने उसे वीडियो बनाकर भेजने को कहा है, लेकिन उसने नहीं बनाया. इसके बाद कमल रावत ने उसके कुछ लिखकर भेजा, उसी के आधार पर पीड़िता के भाई ने एसपी को मैसेज भेजा कि 50 लाख रुपए देकर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है.
चाचा से बात होने पर पता चल सच: पीड़िता के भाई का कहना है कि कमल रावत कई महीनों से उसके चाचा का इलाज करा रहा है, तो उन्हें उस पर भरोसा हो गया था. लेकिन जब उसने शाम को अपने चाचा से बात की तो उसे पता चला कि ये मामला ही कुछ और है. कलम रावत ने उसकी बहन के साथ मिलकर एक साजिश रची थी. पीड़िता के भाई ने पुलिस और उन लोगों के माफी मांगी है, जिन पर उन्होंने बिना सोचे समझे आरोप लगाया था.
गौरतलब है कि, इस मामले में साजिशकर्ता के रूप में जिस कमल रावत का नाम सामने आ रहा है, उसके खिलाफ भी वर्ष 2023 में भी नाबालिग से दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था. हालांकि, वह हाईकोर्ट से बरी हो चुका है.
एक नजर में पूरे केस को समझिए: दरअसल, नाबालिग लड़की के पिता ने पुलिस को तहरीर दी थी. तहरीर में पिता ने कहा कि वो पांच मई को चंपावत इलाज कराने गए थे. उनकी नाबालिग बेटी भी उनके साथ गई थी. दोपहर को वो इलाज कराकर वापस अपने गांव आ गए थे, लेकिन बेटी ने कहा था कि उसे अपने सहेली की शादी में जाना है. शाम को जब पिता ने फोन किया तो बेटी ने बताया कि अपने एक दोस्त के साथ सहेली के यहां शादी में गई है.
पिता की शिकायत के अनुसार देर शाम तक भी जब बेटी घर नहीं लौटी तो उन्होंने उसे कॉल किया, लेकिन कॉल नहीं गई, जिससे पिता को चिंता हुई. इसके बाद देर रात को उनकी बेटी को कॉल आया और घबराई हुई थी, लेकिन कुछ बोल नहीं पाई और फोन फिर से कट गया. इसके बाद गांव के कुछ लोगों के साथ उस गांव में गए, जहां पर शादी थी. काफी खोजबीन के बाद पुलिस को उनकी बेटी कमरे में बंधी हुई हालत में मिली. पीड़िता ने अपने साथ गैंगरेप की बात कहीं थी.
इस मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर पीड़ित के दोस्त जिसके साथ वो शादी में गई और दो अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज किया. वहीं जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो माजरा कुछ और ही निकला. पुलिस ने बताया कि कमल रातव और उसकी सहेली ने ही मिलकर नाबालिग को अपने जाल में फंसाया और उससे तीनों लोगों पर गैंगरेप का झूठा आरोप लगाया.
पुलिस कल (7 मई) ही इस मामले में खुलासा कर साफ कर दिया था कि मेडिकल में भी तरह के रेप के कोई पुष्टि नहीं है और नहीं नाबालिग से शरीर पर कोई चोट के निशान मिले हैं. आज पीड़िता ने भी वीडियो जारी कर पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया.
