5 August 2026

तेज बारिश और घना कोहरा, अचानक झाड़ी से निकला जंगल का शिकारी, ले ली 48 साल की कमला की जान

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बागेश्वर: जिले की कांडा तहसील में गुलदार के हमले में 48 वर्षीय महिला की मौत हो गई. महिला गांव की बारी व्यवस्था (Rotation) के तहत 19 परिवारों के करीब 50 से ज्यादा मवेशियों को चराने जंगल गई थी. इसी दौरान गुलदार ने उस पर हमला कर दिया. हमले के वक्त जंगल में तेज बारिश हो रही थी और घना कोहरा छाया था. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गुलदार ने झाड़ियों की ओट और खराब मौसम का फायदा उठाकर महिला पर अचानक हमला किया. गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

कांडा में गुलदार ने महिला को बनाया निवाला: घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है. सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, जबकि ग्रामीणों ने क्षेत्र में सक्रिय गुलदार को जल्द पकड़ने की मांग की है.

महिला मवेशी चराने जंगल में गई थी: कांडा तहसील क्षेत्र के बाझीरौट, खड़खेत गांव के जंगल में मंगलवार को मवेशी चराने गई 48 वर्षीय महिला की मौत हो गई. महिला के चेहरे और सिर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं. घटना के बाद मौके से गुलदार को भागते हुए देखने का दावा किया गया है. पुलिस और वन विभाग इसे प्रथम दृष्टया गुलदार का हमला मान रहे हैं, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी.

पति ने अचानक सुनी पत्नी की चीख: जानकारी के अनुसार, बाझीरौट निवासी कमला देवी, पत्नी पूरन राम, मंगलवार को गांव के 19 परिवारों के लगभग 50 से अधिक गाय, बैल और बकरियों को चराने के लिए जंगल गई थीं. उनके साथ उनके पति पूरन राम भी थे. अचानक कमला देवी की चीख सुनाई दी.

घटनास्थल से गुलदार को भागते देखा: जब पति पूरन राम और पास में बकरियां चरा रहे पंकज राम मौके पर पहुंचे, तो कमला देवी लहूलुहान अवस्था में पड़ी मिलीं. दोनों का दावा है कि उन्होंने एक गुलदार को नीचे की ओर भागते हुए देखा. उस समय क्षेत्र में तेज बारिश और घना कोहरा होने के कारण गुलदार कुछ ही देर में ओझल हो गया.

पुलिस टीम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण: घटना की सूचना क्षेत्र पंचायत सदस्य भगवान भंडारी ने पुलिस को दी. इसके बाद ग्राम प्रधान प्रकाश राम और थाना प्रभारी बलवंत कंबोज पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. वन विभाग की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया.

पिथौरागढ़ में था कमला का मायका: कमला देवी अपने पीछे पति और चार बच्चों का परिवार छोड़ गई हैं. उनका बड़ा पुत्र बबलू कुमार विवाहित है और परिवार के साथ बाहर रहता है. दो पुत्रियों का विवाह हो चुका है, जबकि 23 वर्षीय पुत्र पुष्पेश कुमार अविवाहित है. कमला का मायका पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग क्षेत्र के लोहाथल गांव में है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

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